जांजगीर-चांपा. जिले में ब्लड बैंक की सुविधा का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा। क्योंकि ब्लड डोनेट करने के लिए जरूरतमंद लोग नहीं मिल रहे। स्थिति यह है कि २ बजे जैसे ही ओपीडी बंद होती है, उसके बाद पहुंचने वाले मरीजों को खून मिलना मुश्किल हो जाता है।
मरीज के मरीज खून जांच कराने से लेकर मरीज को खून डोनेट कर पाने तक घंटों तक चक्कर लगाने मजबूर होते हैं। क्योंकि २ बजे के बाद ब्लड बैंक में कोई जिम्मेदार नहीं मिलता।
प्रतिदिन ब्लड के लिए जिला अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें समय में ब्लड नहीं मिलता। उल्लेखनीय है कि जिला अस्पताल में ब्लड बैंक की स्थापना तो कर दी गई है लेकिन आज तक सेटअप के अनुसार कर्मचारियों की पोस्टिंग नहीं हुई है। जिला अस्पताल में पहले से ही पदस्थ लैब टैक्नीशियन समेत दूसरे स्टाफ को यहां पदस्थ कर किसी तरह काम चलाया जा रहा है जिससे व्यवस्था आए दिन बिगड़ती रहती है। सबसे ज्यादा परेशानी उन मरीजों को होती है जिन्हें दो बजे के बाद खून की जरूरत पड़ती है। क्योंकि इसके बाद ब्लड बैंक में खून चढ़वाना आसान नहीं रहता। कई बार तो केवल खून की जांच नहीं हो पाने के कारण मरीजों को दिनभर इंतजार करने के बाद खून मिलता है। इस व्यवस्था के कारण उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी होती है जिनके साथ खून देने के लिए डोनर उपलब्ध रहते हैं मगर समय पर खून नहीं निकाल जाने से डोनर भी वापस जाने मजबूर होते हैं।
कौन कर सकता है रक्तदान
- १८ से ६० वर्ष की आयु के लोग
- वजन ४५ किलो से अधिक हो
- हीमोग्लोबीन १२.५ ग्राम से अधिक हो
- किसी तरह की बीमारी न हो
- पूरी तरह से स्वस्थ हो
ब्लड बैंक के बिगड़े फ्रिज को ठीक करने व यहां सुविधाएं बढ़ाने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। पत्राचार भी किया गया है। कभी-ञ्कभी ब्लड डोनर नहीं मिलते इससे परेशानी होती है।
डॉ. वीके अग्रवाल, सीएमएचओ
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