बस्तर की लड़ाई आदिवासियों के उन सवालों की लड़ाई है, जिनका हवाला देकर माओवादियों ने वहां पैर जमाए और उनके कथित प्रभाव के लगभग साढ़े तीन दशक बाद भी यदि कुछ हासिल हुआ है तो बंदूक, बारूद और खून में इज़ाफ़ा.from Latest News छत्तीसगढ़ News18 हिंदी http://bit.ly/2Uu6Xi1
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