एक समय था जब छत्तीसगढ़ के पारंपरिक वाद्ययंत्र लुप्त होने के कगार पर थे. उनका अस्तित्व खतरे में था. तब बिलासपुर के रहने वाले अनुप रंजन पांडेय ने इन्हे बचाने का बीड़ा उठाया.from Latest News छत्तीसगढ़ News18 हिंदी http://bit.ly/2SctCgE
एक समय था जब छत्तीसगढ़ के पारंपरिक वाद्ययंत्र लुप्त होने के कगार पर थे. उनका अस्तित्व खतरे में था. तब बिलासपुर के रहने वाले अनुप रंजन पांडेय ने इन्हे बचाने का बीड़ा उठाया.
0 Comments
Post a Comment