जांजगीर-चांपा. लोकसभा चुनाव निपटाने के लिए जिला प्रशासन को ७ हजार ७८० वाहनों की जरूरत पड़ेगी। २३ अप्रैल को वोटिंग होगी। मतदान से पहले ही वाहनों का अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। वाहनों की संख्या के अनुसार १७० वाहनों की पूर्ति अन्य जिलों के वाहनों का अधिग्रहण कर पूरा किया जाएगा। बाकी जिले की सड़कों पर दौडऩे वालों वाहनों का अधिग्रहण होगा। यानी चुनावी हफ्ते में यात्रियों को सफर में परेशानी होगी। क्योंकि विभिन्न रूटों पर चलने वाली यात्रियों बसों का भी अधिग्रहण होगा।
उल्लेखनीय है कि जिले में विभिन्न रूटों में यात्री बसें चलती है। बड़ी संख्या में रोजाना इन बसों से यात्री सफर करते हैं। चुनाव के दौरान वाहनों का अधिग्रहण हो जाने से परेशानी होगी। जांजगीर-चांपा लोकसभा के लिए २३ अप्रैल को वोटिंग होगी। जानकारी के मुताबिक वोटिंग से कुछ दिन पहले ही वाहनों का अधिग्रहण शुरू कर दिया जाएगा। २३ अप्रैल को मतदान के बाद २४ अप्रैल से धीरे-धीरे वाहनों की वापसी होगी। जिला निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक मतदान दलों के परिवहन के लिए 98 बड़ी बसें, 258 मिनी बस, 10 ट्रक, 10 पिकअप, 10 जीप, सुरक्षा बलों के परिवहन के लिए 10 बड़ी बसें, 20 मिनी बस, 40 ट्रक, 20 पिकअप, 80 जीप, 10 कार बुलेरों, स्कार्पियों, सुमो, इनोवा 18 अन्य वाहनों की जरूरत होगी।

जोनल, सेक्टर और उडऩदस्ता दलों के लिए 180 छोटी गाडिय़ां
जोनल, सेक्टर और उडऩदस्ता दलों के लिए 180 कार बुलेरों, स्कार्पियों, सुमो, इनोवा वाहन की व्यवस्था की गई है। इसी तरह मतदान दलों, सुरक्षा बलों और जोनल सेक्टर अधिकारियों के लिए शासकीय अद्र्धशासकीय विभाागों से 81 वाहन, मतदान दलों, सुरक्षा बलों और जोनल सेक्टर अधिकारियों के लिए निजी संस्थाओं से 5 हजार 941 निजी वाहन की भी व्यवस्था की गई है। इसके अलावा अन्य जिलों से 170 वाहनों की व्यवस्था भी की जा रही है।

एक्जिट पोल सर्वेक्षण पर प्रतिबंध
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी नीरज कुमार बनसोड़ ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एक्जिट पोल सर्वेक्षण पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह प्रतिबंध इस महीने की 11 तारीख से प्रभावशील है। यह प्रतिबंध आगामी माह मई की 19 तारीख तक प्रभावशील रहेगा। इस दौरान कोई भी व्यक्ति एक्जिट पोल संर्वेक्षण नहीं करेगा और न हीं इसके परिणाम का प्रिंटए इलेक्ट्रानिक मीडियाए टेलीविजन तथा अन्य साधनों द्वारा इसका प्रसारण अथवा प्रकाशन करेगा। उन्होंने जिले के सभी मीडिया प्रतिनिधियों को चुनाव आयोग की इस निर्देश का पालन करने का आग्रह किया है।

फोटो वोटर स्लीप मतदाता पहचान पत्र के रूप में नहीं होगा मान्य
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार लोकसभा निर्वाचन 2019 के लिए फोटो वोटर स्लीप का उपयोग अब मतदाता पहचान पत्र के रूप में मान्य नहीं किया जाएगा। मतदान के लिए ईपिक कार्ड (मतदाता पहचान पत्र) के अलावा 11 प्रकार के वैकल्पिक पहचान पत्रों को मतदान के लिए मान्य किया जाएगा। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाता पहचान पत्र नहीं होने पर 11 अन्य दस्तावेजों में से कोई भी एक दस्तावेज दिखाने पर मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर सकेंंगे। इन दस्तावेजों में पासपोर्ट, ड्रायविंग लायसेंस, राज्य पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, केन्द्र सरकार/ राज्य सरकार द्वारा कर्मचारियों को जारी किये जाने वाले फोटो युक्त सेवा पहचान पत्र, बैंकों डाकघरों द्वार जारी की गई फोटोयुक्त पासबुक, पेन कार्ड, आरजीआई एवं एनपीआर द्वारा जारी किए गए स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जाब कार्ड, श्रम मंत्रालय की योजना के अंतर्गत जारी स्वास्थ्य बीमा कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, सांसदों/विधायकों और विधान परिषद सदस्यों को जारी किये गये सरकारी पहचान पत्र एवं आधार कार्ड शामिल हैं।



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